स्ट्रॉबेरी की लालिमा से बदली तकदीर, बागवानी बनी स्वरोजगार की नई पहचान
‘सुक्खू सरकार’ की कृषि एवं बागवानी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। आधुनिक खेती, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, तकनीकी मार्गदर्शन तथा बागवानी को प्रोत्साहित करने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं का रुझान स्वरोजगार की ओर बढ़ा है। सरकारी या निजी नौकरी के पीछे भागने के बजाय आधुनिक खेती और बागवानी अपनाकर युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। करसोग उपमंडल की ग्राम पंचायत सोमाकोठी के बालकृष्ण इसका प्रेरक उदाहरण हैं, जिन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती से अपनी अलग पहचान बनाई है।
बालकृष्ण पहले एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी नौकरी चली गई। कठिन दौर में उन्होंने निराश होने के बजाय अपने गांव लौटकर बागवानी को स्वरोजगार के रूप में अपनाने ...








