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पंडित प्रेमनाथ डोगरा जम्मू-कश्मीर के भारत में एकीकरण के सच्चे शिल्पकार: राज्यपाल

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जम्मू के पुराने शहर के कच्ची छावनी क्षेत्र स्थित प्रेमनाथ डोगरा भवन में पंडित प्रेमनाथ डोगरा के परिजनों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंडित प्रेमनाथ डोगरा महान डोगरा राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ पूर्ण और बिना शर्त एकीकरण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वे स्वतंत्रता के बाद के इतिहास के सबसे महत्त्वपूर्ण राष्ट्रवादी नेताओं में से एक हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पंडित प्रेमनाथ डोगरा जी ने अपने साहसी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के बल पर ‘शेर-ए-दुग्गर’ के रूप में अपनी पहचान कायम की। उनके विचार और त्याग आज भी देशभर में राष्ट्रवादी और सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हैं।
राज्यपाल ने प्रजा परिषद के अध्यक्ष के रूप में पंडित डोगरा जी के उल्लेखनीय कार्यों को याद करते हुए कहा कि ‘एक निशान, एक विधान, एक प्रधान’ के ऐतिहासिक आंदोलन के नेतृत्व की गूंज पूरे देश में सुनाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर उनके निरंतर संघर्ष ने अंततः जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ संवैधानिक एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि डोगरा जी की गिरफ्तारी, त्याग और अदम्य संकल्प ने उन्हें स्वतंत्र भारत के अग्रणी राष्ट्रवादी नेताओं की श्रेणी में स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि राजनीति से परे, पंडित डोगरा जी ने आम लोगों के कल्याण तथा डोगरी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया, जिसके कारण उन्हांेने डोगरा समाज में उत्कृष्ट स्थान हासिल किया।
राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि जिला सांबा के समीलपुर गांव में पंडित प्रेमनाथ डोगरा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, यह पंडित प्रेमनाथ डोगरा का पैतृक गांव है। यह इस महान सपूत को उनकी जन्मभूमि पर दी जाने वाली एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी।