
चंडीगढ़, 2 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा और मानव विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मानव विकास किसी भी सशक्त और समावेशी समाज की आधारशिला है। हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, कौशल विकास और खेल के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सरकार का संकल्प है।”
मुख्यमंत्री ने कह कि वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में मौलिक शिक्षा विभाग का बजट 9.79 प्रतिशत से बढ़ाकर 10,855.48 करोड़ रुपये, सेकेंडरी शिक्षा विभाग का बजट 11.98 प्रतिशत से बढ़ाकर 7,862.41 करोड़ रुपये तथा उच्चतर शिक्षा विभाग का बजट 6.06 प्रतिशत से बढ़ाकर 4,197.38 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठकों में प्राप्त 122 सुझावों में से 88 सुझावों को इस बजट में सम्मिलित किया गया है।
विद्यालय शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की है पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 किलोमीटर के दायरे में मॉडल संस्कृति विद्यालय खोलने की दिशा में अब तक 25 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। वर्ष 2026-27 में 250 विद्यालयों को सीएम (एक्सीलेंस एंड एरली इंग्लिश) विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा उपलब्ध होगी।
एसटीईएम शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए 615 नई एसटीईएम लैब में से 391 स्थापित की जा चुकी हैं। आगामी वर्ष में 250 अन्य विद्यालयों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी।
विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने हेतु फ्रेंच के बाद अब जर्मन और जापानी भाषा शिक्षण की सुविधा भी दी जाएगी, जिसके लिए 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
खेल और आधारभूत सुविधाओं पर किया है बड़ा निवेश
उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने हेतु शेष 3,328 उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में खेल मैदान विकास के लिए 1 लाख रुपये प्रति विद्यालय का प्रावधान किया गया है। हरियाणा दिवस 1 नवम्बर 2026 तक सभी राजकीय विद्यालयों में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2027-28 तक किसी भी सरकारी विद्यालय में कोई भी बच्चा टाट-पट्टी पर नहीं बैठेगा।
15 वर्ष पूर्व स्थापित 1,065 विद्यालयों की आईसीटी लैब को 50 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकृत किया जाएगा।
*प्रतिभा संवर्धन और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा*
उन्होंने कहा कि ‘सुपर 100’ योजना के अंतर्गत अब तक 267 विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाया है। हालिया जेईई (मेन) परीक्षा में 314 में से 227 विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस योजना की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 की जाएंगी।
‘कुशल बिजनेस चैलेंज’ में 1.25 लाख विद्यार्थियों की 23 हजार टीमों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 66 टीमों को 1 लाख रुपये प्रति टीम की सीड मनी प्रदान की गई। यह योजना अगले वर्ष भी जारी रहेगी।
मेधावी विद्यार्थियों को इसरो और डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण कराया गया है, और आगामी वर्ष कक्षा 11वीं के 100 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा।
उच्च शिक्षा और कौशल विकास में नई पहल
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग भविष्य-केंद्रित और इंडस्ट्री-अलाइनड पाठ्यक्रम शुरू करेगा। 5 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में सप्ताहांत/सांयकालीन कोर्स प्रारंभ होंगे, जिससे युवाओं को नौकरी के साथ अतिरिक्त योग्यता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को विशेष वित्तीय सहायता देकर जुलाई 2026 सत्र से राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश दिलाने का प्रस्ताव है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के लिए एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा। 10 करोड़ रुपये की लागत से उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता कोष स्थापित किया जाएगा, जबकि हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष (HSRF) को अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
* एआई एवं डिजिटल कॉलेज की ऐतिहासिक पहल*
उन्होंने कहा कि भविष्य विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से एक स्वायत्त AI एवं डिजिटल कॉलेज शुरू किया जाएगा, जहां शिक्षण और मूल्यांकन एआई आधारित प्रणालियों से संचालित होंगे। पायलट सफल होने पर अगले वर्ष 10 और ऐसे कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
* ‘वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव’ योजना*
उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस से प्रेरित होकर 6 करोड़ रुपये की लागत से ‘वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव’ योजना शुरू की जाएगी। दुर्घटना में विद्यार्थी की मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 3 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बजट विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में हरियाणा को शिक्षा, कौशल और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का मजबूत रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन ऐतिहासिक निर्णयों से हरियाणा का मानव विकास सूचकांक नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।