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सरकार ने आईटी के माध्यम से मजबूत किया स्वास्थ्य सेवाओं का निगरानी तन्त्र  : आरती सिंह राव

चंडीगढ़, 26  नवंबर –  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कम्युनिटी लेवल पर हेल्थ केयर सर्विस डिलीवरी की मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट को मज़बूत करने के लिए इन्फॉर्मेशन-टेक्नोलॉजी (IT) की कई पहल की हैं। आईटी पहल से मौजूद रिसोर्स का सबसे अच्छा इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “व्हीकल ट्रैकिंग और लॉग मैनेजमेंट सिस्टम” वेब एप्लिकेशन के रूप में नई आईटी पहल है। इनके अलावा,  एनीमिया मुक्त हरियाणा, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और डब्ल्यूसीडी  स्कूल सेहत पोर्टल अन्य आईटी पहल हैं।  

उन्होंने बताया कि “व्हीकल ट्रैकिंग और लॉग मैनेजमेंट सिस्टम” को मोबाइल हेल्थ टीमों के रोज़ाना के मूवमेंट की ट्रांसपेरेंट और अच्छी मॉनिटरिंग पक्का करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सिस्टम डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर्स को खास टीमों को गाड़ियां देने और उनके विज़िट की जगहें अलॉट करने में मदद करता है। हर टीम दिन की शुरुआत में इस एप्लिकेशन में लॉग-इन करती है, एक फोटो के साथ शुरुआती ओडोमीटर रीडिंग रिकॉर्ड करती है और हर विज़िट की गई साइट पर इमेज के साथ ओडोमीटर रीडिंग कैप्चर करना जारी रखती है। दिन के आखिर में, टीम पार्किंग की जगह पर लौटने पर क्लोजिंग ओडोमीटर रीडिंग और उससे जुड़ी फोटो रिकॉर्ड करती है। एप्लिकेशन डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर्स को हर टीम के लिए डिटेल्ड डेली ट्रैवल रिपोर्ट देता है, जबकि स्टेट एडमिनिस्ट्रेटर्स राज्य भर में सभी टीमों द्वारा तय किए गए किलोमीटर की कंसोलिडेटेड रिपोर्ट एक्सेस कर सकते हैं, जिससे अकाउंटेबिलिटी और गाड़ी के इस्तेमाल की सही मॉनिटरिंग पक्की होती है।

आरती सिंह राव ने आगे बताया कि लाभार्थियों की मॉनिटरिंग, ट्रीटमेंट और फॉलो-अप को मज़बूत करने के लिए एनीमिया मुक्त हरियाणा (AMH) एप्लीकेशन में कई ज़रूरी अपग्रेड भी किए गए हैं। सिस्टम अब हेल्थ इंस्टीट्यूशन का नाम, मेडिकल फैसिलिटेटर का नाम और उनके डेज़िनेशन सहित ट्रीटमेंट की डिटेल्ड जानकारी कैप्चर करता है। इसी तरह, बेहतर ट्रांसपेरेंसी और देखभाल की कंटिन्यूटी के लिए रेफरल डिटेल्स को रेफरल इंस्टीट्यूशन का नाम, मेडिकल फैसिलिटेटर का नाम और डेज़िनेशन शामिल करने के लिए बेहतर बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि उक्त सभी बदलाव फॉलो-अप रिपोर्ट में पूरी तरह से दिखते हैं, जिससे हर लाभार्थी की प्रोग्रेस की पूरी ट्रैकिंग पक्की होती है। रियल-टाइम डिसीजन-मेकिंग में मदद के लिए एक पूरा डैशबोर्ड भी डेवलप किया गया है। यह यूज़र्स को पूरे राज्य में सभी लाभार्थियों के एनीमिया लेवल को ट्रैक करने, सुधार का सही अंदाज़ा लगाने के लिए शुरुआती और फॉलो-अप टेस्ट के रिज़ल्ट देखने, टारगेटेड इंटरवेंशन के लिए हर लाभार्थी की डिटेल्स को देखने में सहयोग करता है। यह डैशबोर्ड ट्रेंड्स को पहचानने, सर्विस डिलीवरी में कमी को पूरा करने और महिलाओं और बच्चों के लिए हेल्थ के नतीजों को बेहतर बनाने में भी मदद करता है। उन्होंने बताया कि यह डेटा को एक्शनेबल इनसाइट्स में बदल देता है — क्योंकि हर ज़िंदगी मायने रखती है।

आरती सिंह राव ने आगे कहा, “राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम” टर्शियरी केयर एप्लीकेशन जन्मजात दिल की बीमारियों से पीड़ित 0-18 साल के बच्चों के मैनेजमेंट और इलाज में मदद करता है। यह प्लेटफॉर्म पात्र  बच्चों की समय पर पहचान करके और पैनल में शामिल सरकारी और प्राइवेट सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में उनके एडमिशन और देखभाल को पक्का करके रेफरल और मुफ्त इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) ने पोषण ट्रैकर के ज़रिए महिला और बाल विकास विभाग के साथ मिलकर बच्चों की सेहत और न्यूट्रिशन की देखभाल का एक बेहतर तरीका पेश किया है। इस इंटीग्रेशन से, ज़रूरी हेल्थ पैरामीटर्स को ट्रैक करना आसान हो जाता है, जिससे यह पक्का होता है कि हर बच्चे को पूरी देखभाल मिले।