
चंडीगढ़, 28 नवंबर- हरियाणा के खेल राज्यमंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति आज पूरे देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित हो चुकी है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, सुरक्षित खेल मैदान और उत्कृष्ट उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हाल ही में प्रदेश में दो खिलाड़ियों की मृत्यु की दर्दनाक घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी कोई भी अप्रिय स्थिति न हो, इसके लिए खेल विभाग ने कठोर और ठोस कदम उठाए हैं।
खेल मंत्री आज पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में विभागीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में खेल स्टेडियमों और मैदानों की मरम्मत, उन्नयन व पुनर्विकास के लिए 114 करोड़ रुपये की राशि विशेष पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही डिस्टिक्ट स्पोर्ट्स काउंसिल (डीएससी)में उपलब्ध राशि का बड़ा हिस्सा जिला स्तर के खेल मैदानों के कायाकल्प पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सिर्फ तीन महीनों में इन प्रयासों के सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद और हुडा के अंतर्गत आने वाले सभी खेल मैदानों, स्टेडियमों और उपकरणों की तत्काल संयुक्त जांच करवाकर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध सुधार करवाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्टेडियमों या भवनों की दशा कंडम पाई जाएगी, वहां खिलाड़ियों को अभ्यास की अनुमति न दी जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिला खेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खेल राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खेल ढांचे के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए खेल विभाग द्वारा मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत किया जाएगा।
ए ग्रेड के खेल मैदान उत्कृष्ट एवं सुरक्षित, तुरंत अभ्यास योग्य होंगे। बी ग्रेड के मैदान सामान्य, लेकिन खेलने योग्य होंगे। इसी तरह से सी ग्रेड के मैदान मरम्मत के बाद उपयोग योग्य होंगे। डी ग्रेड पूरी तरह प्रतिबंधित, उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं में सुधार के साथ अब अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा रही है। फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।
श्री गौरव गौतम ने कहा कि वे स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और समय-समय पर प्रगति समीक्षा भी करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन ठोस कदमों से न केवल खेलों का आधारभूत ढांचा सशक्त होगा, बल्कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर, सुरक्षित माहौल मिलेगा। बैठक में खेल विभाग के निदेशक श्री संजीव वर्मा, अतिरिक्त खेल निदेशक श्री अश्वनी मलिक, जोन के उप निदेशक व जिला अधिकारी मौजूद रहे।