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उपायुक्त अपूर्व देवगन पहुंचे ‘अपना विद्यालय’, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रंग का किया निरीक्षण

मंडी, 11 जून। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रंग का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अपना विद्यालय योजना के तहत यह पाठशाला गोद ली (एडॉप्ट) है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा चार-चार पाठशालाएं गोद ली गई हैं। उपायुक्त द्वारा द्रंग के अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगला, बीर-तुंगल तथा सदयाणा को गोद लिया गया है।   

उपायुक्त ने आज द्रंग में पाठशाला प्रबंधन से यहां संचालित की जा रही शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पाठशाला में बनाए गए पुस्तकालय का भी अवलोकन किया और उपलब्ध पुस्तकों एवं अन्य पाठ्य सामग्री का ब्यौरा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों पर मंडी जिला में अपना पुस्तकालय योजना के तहत दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं। यहां पर बच्चे विविध पाठ्य सामग्री एक ही छत के नीचे प्राप्त कर सकते हैं। विशेषतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करने वाले युवा पुस्तकालयों का अधिकाधिक लाभ उठा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने द्रंग पाठशाला के आधारभूत ढांचे के बारे में भी ब्यौरा प्राप्त किया। उन्होंने यहां निर्माणाधीन परीक्षा हॉल का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए भी उचित कदम उठाने को कहा। पाठशाला में शौचालयों की स्थिति एवं उनकी साफ-सफाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रदान किए जा रहे भोजन के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने मिड-डे मील तैयार करने के लिए रसोई घर, उपलब्ध अनाज सहित अन्य खाद्य सामग्री का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक दोपहर भोजन सुनिश्चित करने में यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से भोजन की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसकी निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।

उपायुक्त ने मंडी-जोगेंद्रनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण कार्यों के दृष्टिगत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रंग के छात्र-छात्राओं को स्कूल तक सुलभ एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर संबंधित अधिकारियों के साथ भी चर्चा की। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों, खंड विकास अधिकारी कार्यालय एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश मौके पर ही दिए।