
चंडीगढ़, 21 जनवरी– हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2026–27 के राज्य बजट को लेकर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ प्री-बजट कंसल्टेंट बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में प्राप्त उपयोगी व व्यावहारिक सुझावों को, पिछले वर्ष की भांति, आगामी बजट में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह बजट जनभागीदारी से तैयार जनहितैषी बजट साबित होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई आईएमटी (IMT) स्थापित करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में इस वर्ष भी अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में विशेष प्रावधानों की घोषणा किए जाने की पूरी संभावना है, क्योंकि अग्निपथ योजना के अंतर्गत पहले बैच की सेवा अवधि जुलाई 2026 में पूर्ण होने जा रही है।
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा “हरियाणा अग्निवीर नीति–2024” को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है, जिसे अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस नीति के माध्यम से अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2022–23 में जल, थल एवं वायु सेना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 26,649 अग्नि वीरों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से हरियाणा से 1,830 अग्नि वीरों की भर्ती हुई। अग्निपथ योजना के तहत 25 प्रतिशत अग्नि वीरों को सेना द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुसार नियमित सेवाओं में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत, अर्थात 1,373 अग्निवीर, चार वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर लौटेंगे, जिन्हें हरियाणा सरकार हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 के अंतर्गत समायोजित करेगी।
उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत चार वर्षों की सेवा अवधि में अग्निवीरों द्वारा फंड में दिए गए 30 प्रतिशत अंशदान तथा भारत सरकार के कॉर्पस फंड के योगदान को मिलाकर अग्निवीरों को लगभग ₹11.71 लाख का सेवा निधि पैकेज प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार द्वारा अपनी नीति के तहत हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल, जेल वार्डन, फॉरेस्ट गार्ड सहित अन्य पदों पर विशेष आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों को दिए जा रहे आरक्षण से अलग होगा।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि जो अग्निवीर स्वरोजगार या उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा तीन वर्षों तक ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में भूतपूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अलग से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया। अक्टूबर 2014 से अब तक 418 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो सरकार की सैनिक-हितैषी नीति को दर्शाता है।