
चंडीगढ़, 25 फरवरी– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार नशे की समस्या को लेकर पूरी गंभीरता और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को हमारे युवाओं को नशे में धकेलने का अधिकार नहीं है और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान सदन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे पर रोकथाम के लिए अंतरराज्यीय सामंजस्य बनाकर सरकार काम कर रही है। इसके लिए एक ज्वाइंट सेक्ट्रीएट स्थापित किया गया है, जिसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं। समय-समय पर संबंधित राज्यों के अधिकारियों की बैठकें आयोजित की जाती हैं। राज्य पुलिस नशे के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है और इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नशे की रोकथाम में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया मानस पोर्टल नागरिकों को नशे से संबंधित गोपनीय रूप से सूचना देने की सुविधा प्रदान करता है। इस पोर्टल पर दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस सख्त कार्रवाई करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश और देश की अमूल्य संपत्ति हैं। यदि युवा नशे की चपेट में आ जाता है तो समाज का भविष्य प्रभावित होता है। नशे की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साइक्लोथॉन, जिला स्तर पर जागरूकता कैंप और बड़े पैमाने पर मैराथन आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिलों में समय-समय पर आयोजित होने वाली मैराथन में 25 से 30 हजार युवा भाग लेते हैं। गत दिनों डबवाली में आयोजित बड़ी मैराथन में भी हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को सामाजिक जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए संत-महात्माओं को भी जोड़ा गया है, ताकि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। खाप पंचायतों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है तथा साइक्लोथॉन के दौरान उनका सहयोग लिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के मकान कुर्क किए गए हैं, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की प्रोपर्टी के डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है, नशा फैलाने में संलिप्त व्यक्तियों और संस्थानों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। जहां भी सूचना मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है ताकि युवाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों से राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी पुलिस को सूचना देने या सहयोग की आवश्यकता हो तो आगे आकर मदद करें, ताकि नशा कारोबारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का विजन तभी साकार होगा, जब देश का युवा सशक्त और नशामुक्त होगा। इसमें युवाओं की बड़ी भूमिका है और हरियाणा सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है।