
मंडी, 24 मार्च। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना–कैफेटेरिया के कृषि वानिकी घटक के अंतर्गत स्थानीय पहल के तहत गोहर खंड की सेरी पंचायत में डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के उप परिसर, औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग, (स्थित गोहर–गुडाहरी) द्वारा एक दिवसीय ऑफ-कैम्पस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस पहल में विभिन्न वैज्ञानिकों डॉ. यूर्मिला कुमारी, डॉ. गरिमा एवं डॉ. कशिश वालिया ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को आरकेवीवाई–कैफेटेरिया योजना, इसके उद्देश्य, दायरा एवं कृषि वानिकी के महत्व के बारे में अवगत करवाया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि वानिकी की मूल अवधारणा, इसके लाभ, मृदा स्वास्थ्य एवं संरक्षण, उपयुक्त प्रजातियों के चयन, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन तथा आजीविका संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर पर प्रतिभागी किसानों को पौध सामग्री एवं ट्राइकोडर्मा का वितरण भी किया गया।