
चण्डीगढ, 16 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास को लेकर पिछले बजट के दौरान 66 घोषणाएं की गई थी जिनमें से 59 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इसके अलावा तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी महिला एवं बाल विकास की घोषणाओं को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी मौजूद रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की आयोजित बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए अहम निर्णय लिया गया है। इसके तहत 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और सुपरवाईजर पद की पात्रता पूरी करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाईजर के पद पर पदौन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सुपरवाईजर 50 प्रतिशत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से तथा शेष 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से नियुक्त किए जाएगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुपोषित बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा की गई जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सार्थक प्रयास से पिछले साल चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई गई। राज्य में केवल 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। इन्हें भी जल्द ही कुपोषण से निजात दिलवाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए एस्पीरेशनल जिला नूंह में चलाई जा रही रेसीपी को प्रदेश भर की आंगनवाड़ी केन्द्रों में लागू किया जा रहा है ताकि पूरे प्रदेश के बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 आंगनवाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनवाडी केन्द्रों में बदलने की घोषणा अनुसार 2807 आंगनवाडी केन्द्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसके अलावा सक्षम आंगनवाडी के तहत वस्तुओं की खरीद प्रक्रियाधीन है। इस कार्य पर लगभग 20 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा रही है। इसी प्रकार लगभग 81 करोड़ रुपए की लागत से 2000 आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की योजना अनुसार राज्य के हर जिले में महिला कामकाजी होस्टल बनाए जाएगें ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित स्थल सुलभ हो सके। सोनीपत, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरूग्राम व चरखी दादरी में लगभग 43 करोड़ रुपए की लागत से 6 महिला कामकाजी होस्टल बनाए जा रहे है। उन्होंने पानीपत में भी महिला कामकाजी होस्टल बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा चरखी दादरी में 12 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बाल भवन, डे केयर सेंटर, ओपन शेल्टर होम की स्थापना की जा रही है। इनका लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है, शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित महिलाओं को आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता, परामर्श और पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए हर जिले में वन स्टाॅप सेंटर-सखी सेंटर संचालित किए जा रहे है। इन सैंटरों में महिलाओं को 20 दिन के लिए आश्रय प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सेंटरो में अब तक 57615 से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, आयुक्त एवं सचिव वित विभाग, मोहम्मद शाईन, आयुक्त एवं सचिव महिला एवं बाल विकास शेखर विद्यार्थी ,ओएसडी राज नेहरू, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।