
चंडीगढ़, 11 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ से राज्य के 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटर (DCCC) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस प्रकार के सेंटर पहले ही पांच जिलों में लॉन्च किए जा चुके है, और आज से राज्य के 22 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटर चालू हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में यह घोषणा की थी जिसे आज पूर्ण कर दिया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री द्वारा 17 जिलों में शुरू किये डे-केयर कैंसर सेंटर प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन डे-केयर कैंसर सेंटर का उद्देश्य कैंसर रोगियों को सुलभ, किफायती और उनके घर के नजदीक उपचार उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कैंसर हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरा है। इसका ईलाज काफी महंगा है, ऐसे में आमजन को ध्यान में रखते हुए कैंसर रोगियों के लिए सेंटर खोले गए है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत रोकथाम, स्क्रीनिंग और उपचार की व्यापक सेवाएं प्रदान कर रहा है। 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए मुख,स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नियमित जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से मरीजों को कीमोथेरेपी, फॉलो-अप उपचार व देखभाल जैसी सुविधाएं अपने जिले में ही मिल सकेंगी। यहां कैंसर ओपीडी, पेन एवं पेलिएटिव केयर ओपीडी और उपचार के बाद व्यवस्थित फॉलो-अप की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी।
ये केंद्र ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर कार्य करेंगे। पीजीआईएमएस रोहतक, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) झज्जर, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर, अंबाला छावनी हब के रूप में जिला अस्पतालों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबाला छावनी स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर पहले से ही कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और पेलिएटिव केयर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दे रहा है। वर्ष 2025 में यहां हजारों मरीजों को उपचार दिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में कीमोथेरेपी सत्र, मैमोग्राफी, ब्रैकीथेरेपी और कैंसर सर्जरी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सेवाएं मिलने से मरीजों के यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सहयोग भी सुनिश्चित कर रही है। हरियाणा रोडवेज की बसों में कैंसर मरीज और एक सहायक को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग के माध्यम से स्टैज 3 और 4 के कैंसर मरीजों, जिनकी पारिवारिक आय 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम है, को 3 हजार रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डे-केयर कैंसर सेंटरों की स्थापना से मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पाएंगी।
इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने डे-केयर कैंसर सेंटर को सफलतापूर्वक शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ़ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम हरियाणा के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और भलाई के प्रति मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कैंसर केयर सेवाओं को बढ़ाने और कैंसर का जल्दी पता लगाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि हर मरीज़ को मदद के साथ—साथ बेहतर इलाज मिल सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर.एस. ढिल्लों, डीजीएचएस डॉ. मनीष बंसल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।