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ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਪ੍ਰਾਪਰਟੀ ਦਾ ਮਾਲਕ ਹੈ ਸ਼ਿਵ ਲਾਲ ਡੋਡਾ

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ਅਬੋਹਰ : ਪਿਛਲੇ ਦਿਨੀਂ ਜੇਲ ਵਿਚ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਨ ਪਿਛੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਚਰਚਾ ਵਿਚ ਰਹੇ ਸ਼ਿਵ ਲਾਲ ਡੋਡਾ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਵਲੋਂ ਜੇਲ ਵਿਚੋਂ ਹੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣ ਲੜਨ ਦੀ ਇਜਾਜਤ ਮਿਲਣ ਪਿਛੋਂ ਸ੍ਰੀ ਡੋਡਾ ਨੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕਾ ਅਬੋਹਰ ਤੋਂ ਆਜਾਦ ਉਮੀਦਵਾਰ ਵਜੋਂ ਚੋਣ ਲੜਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਇਸੇ ਹਲਕੇ ਤੋਂ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਅਤੇ ਪੜ੍ਹੇ ਲਿਖੇ ਆਗੂ ਸੁਨੀਲ ਜਾਖੜ ਵੀ ਚੋਣ ਲੜ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਿਛਲੀਆਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾ ਵਿਚ ਵੀ ਸ੍ਰੀ ਡੋਡਾ ਨੇ ਚੋਣ ਲੜੀ ਸੀ ਅਤੇ ਥੋੜੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਸ੍ਰੀ ਜਾਖੜ ਪਾਸੋਂ ਹਾਰ ਗਏ ਸਨ। ਇਸ ਵਾਰ ਅੰਦਾਜਾ ਇਹ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਅਬੋਹਰ ਤੋਂ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਟਿਕਟ ‘ਤੇ ਚੋਣ ਲੜਨਗੇ, ਪਰ ਆਖਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਜਾਦ ਉਮੀਦਵਾਰ ਵਜੋਂ ਚੋਣ ਲੜਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਪੈਸਾ ਖਰਚਣ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਮੁਤਾਬਿਕ ਸ੍ਰੀ ਡੋਡਾ ਦੀ ਜਾਇਦਾਦ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲੋਂ ਵੀ ਜਿਆਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਵਿਸਥਾਰਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਿੰਦੀ ਦੇ ਅਖਬਾਰ ਦੈਨਿਕ ਭਾਸਕਰ ਨੇ ਸ਼ਿਵ ਲਾਲ ਡੋਡਾ ਦੀ ਜਾਇਦਾਦ ਬਾਰੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਰਿਪੋਰਟ ਛਾਪੀ ਹੈ। ਪੇਸ਼ ਹਿੰਦੀ ਅਖਬਾਰ ਦੀ ਇਹ ਰਿਪੋਰਟ
अबोहर।कभी सड़क किनारे आइस बेचने वाला शिवलाल डोडा 26 साल में लिकर किंग बन गया। 48 साल का डोडा 19 साल की उम्र तक अबोहर में भाई के साथ आइस वेंडर का काम करता था। शुक्रवार को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन करते हुए पेश दस्तावेज में उसकी संपत्ति बादल परिवार से भी ज्यादा है। यहां तक कि करीब एक साल से जेल में बंद होने के बावजूद हल्फनामे में डोडा और उसके कवरिंग कैंडिडेट अमित डोडा दोनों के पास तीन-तीन लाख कैश इन हैंड है।
अबोहर से निर्दलीय लड़ेगा चुनाव…
– 2012 में भाजपा से टिकट कैंसिल होने पर डोडा निर्दलीय लड़ा और कांग्रेस विधायक सुनील जाखड़ को कड़ी टक्कर दी। इस बार भी मुख्य मुकाबला जाखड़ से ही है।
– कारण, अकाली नेता भी भाजपा की जगह डोडा के समर्थन में हैं। वहीं, लगातार आरोपों के बाद खुद डिप्टी सीएम सुखबीर बादल खंडन करते आ रहे हैं कि डोडा का अकाली दल से कोई संबंध नहीं है।
– शिवलाल डोडा अबोहर से निर्दलीय लड़ेगा। यहां से भाजपा कैंडिडेट होने के बावजूद डोडा के समर्थन में अकाली दल ने गठबंधन धर्म छोड़कर रोड शो निकाला।
– रोड शो में खुईयांसरवर ब्लाॅक के अकाली प्रधान लाऊ जाखड़, जबकि तहसील परिसर में अकाली दल अबोहर के प्रधान अशोक आहूजा नजर आए।
– 4 जनवरी को डोडा ने जेल में मीटिंग कॉल की थी, उसमें प्रमुख अकाली नेता थे।
– उसी दिन से साफ था कि डोडा अकाली दल के समर्थन से भाजपा कैंडिडेट और कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेगा।
– डोडा ने अपनी और पत्नी कुल संपत्ति 141.86 करोड़ दर्शाई है, जबकि गुरुवार को पूरे बादल परिवार ने अपनी संपत्ति 115.5 करोड़ दिखाई थी।
शराब कारोबारी, मैट्रिक पास भी नहीं, खुद के और पत्नी के 33 बैंक अकाउंट
– हलफनामे के अनुसार, डोडा के पास 20.25 करोड़ से ज्यादा और पत्नी के नाम पर 121.60 करोड़ संपत्ति है।
– 2016-17 के लिए डोडा ने 4.10 करोड़ व उनकी पत्नी ने 1.23 करोड़ की रिटर्न फाइल की।
– डोडा के पास 600 ग्राम सोना (18 लाख कीमत) और पत्नी के पास 500 ग्राम सोना (15 लाख कीमत) है। डोडा के 22, पत्नी के 11 बैंक अकाउंट हैं।
– 48 साल का डोडा अंडर मैट्रिक है और शराब कारोबारी है। 2 क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं।
 580 शराब के ठेके 2015-16 में
– 1998 में वेद प्रकाश के शराब ठेके पर शिवलाल डोडा भाई के साथ काम करने लगा।
– 2010 तक पार्टनर बीडी मित्तल के साथ शराब का बडा ठेका चलाया।
– 2012 में विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा।
– 2017 फिर अबोहर से विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।
 ऐसे खड़ा किया करोड़ों का लिकर कारोबार
– वाक्या 1990 का है, डोडा अबोहर में रोड के किनारे एक दुकान में बड़े भाई वेद परकाश के साथ आइस बेच रहा था।
– यहां दोनों भाइयों की आइस पैक को लेकर पड़ोसी से मारपीट हो गई। पुलिस ने उसके खिलाफ छुरेबाजी का केस दर्ज कर लिया।
– उस समय वह केवल 19 साल का था। इसके बाद डोडा ने अबोहर छोड़ दिया। वह मौसी के साथ गुरुग्राम चला गया।
– फिर दो साल बाद फिर अबोहर लौटा और भाई के साथ शराब का कारोबार शुरू किया।
– 10 साल में ही डोडा ने करोड़ों का लिकर कारोबार खड़ा कर दिया। डोडा ने गगन वाइन नाम की कंपनी बनाई।
– डोडा का पुलिस से भी नाता काफी पुराना है। 19 साल की उम्र में पहली बार एफआईआर दर्ज हुई।
– इसके बाद डोडा पंजाब के क्राइम का एक बड़ा नाम बनता चला गया।
– उसके फार्म हाउस में दलित भीम टांक के सनसनीखेज मर्डर ने पूरे पंजाब की राजनीति को हिलाकर रख दिया था।
– डोडा पंजाब की राजनीति में काफी समय से सक्रिय है। भीम मर्डर के समय वह कांग्रेस विधायक गुरमीत सिंह के साथ दिल्ली के एक होटल में बात कर रहा था।
– डोडा की सभी पार्टियों में बड़े नेताओं के साथ हमेशा ही नजदीकियां रही हैं। डोडा की सीएम बादल और सुखबीर बादल के साथ भी कई फोटो हैं।
 10 हजार से कम वोटों से हारा था डोडा
– 2012 चुनाव में भाजपा से टिकट कैंसिल होने पर डोडा निर्दलीय लड़ा और कांग्रेस के सुनील जाखड़ से 10 हजार से कम अंतर से हार गया था।
– डोडा ने करोड़ों चैरिटी पर भी खर्चे थे। डोडा का कद राजनीति में तब और बढ़ा, जब उसे शिअद ने हलका इंचार्ज बनाया।
– हालांकि पार्टी ने भीम मर्डर केस के चलते उससे हमेशा दूरी का दावा किया। लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब जेल में उससे दर्जन भर से ज्यादा अकालियों की मुलाकात हुई।
– शिअद ने फिर उसे अबोहर से कैंडिडेट भी बना दिया। डोडा शुक्रवार को नामांकन भरने पहुंचा तो भी साथ अकाली दल के कई बड़े नेता भी मौजूद थे।
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